👉आवर्त सारणी का विकास
(A) तत्वों का लेवायजियर वर्गीकरण
सर्वप्रथम लेवायजियर नें तत्वों को दो प्रकारों में वर्गीकृत किया- (i)धातु, (ii) अधातु
नोट:-इस वर्गीकरण से उपधातु को वर्गीकृत नहीं किया जा सका ।
(B)डोबरीनर का त्रिक नियम[1817]
(C)न्यूलैंड का अष्टक नियम[1865]
(D)लोथर मेयर वक्र[1869]
(E)मैण्डेलीफ की आवर्त सारणी [1869]
(F)मैण्डेलीफ की आधुनिक आवर्त सारणी
💥 Periodic Properties
👉 पदार्थों का चुंबकीय व्यवहार:-
चुंबकीय प्रकृति के आधार पर पदार्थ दो प्रकार के होते हैं-
(1) अनुचुंबकीय पदार्थ:- वें पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र की ओर आकर्षित होते हैं तथा जिनके पास अयुग्मित इलेक्ट्रान होते हैं, अनुचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
(2) प्रतिचुंबकीय पदार्थ:- वें पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र में दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं तथा जिनके पास अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं होते (अर्थात सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित होते हैं), प्रतिचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
👉 इलेक्ट्रान का चुंबकीय आघूर्ण निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है-
(1) अनुचुंबकीय पदार्थ:- वें पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र की ओर आकर्षित होते हैं तथा जिनके पास अयुग्मित इलेक्ट्रान होते हैं, अनुचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
(2) प्रतिचुंबकीय पदार्थ:- वें पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र में दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं तथा जिनके पास अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं होते (अर्थात सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित होते हैं), प्रतिचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
👉 इलेक्ट्रान का चुंबकीय आघूर्ण निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है-



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